पंचांग 25 जनवरी 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
25 जनवरी 2027 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:24
चंद्रोदय21:28
चंद्रास्त09:13
- मास:
- पौष (अमांत) · माघ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
- संवत्सर:
- पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मकर
- चंद्र राशि:
- सिंह 06:45 (26 जन॰) तक, फिर कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया 08:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी 06:00 (26 जन॰) तक, फिर कृष्ण पंचमी 04:33 (27 जन॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाफाल्गुनी 01:03 (26 जन॰) तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 00:06 (27 जन॰) तक
- योग
- शोभन 22:54 तक, फिर अतिगण्ड 20:18 (26 जन॰) तक
- करण
- विष्टि 08:10 तक, फिर बव 19:00 तक, फिर बालव 06:00 (26 जन॰) तक, फिर कौलव 17:11 (26 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:24 – 13:09
- राहु काल08:33 – 09:58
- यमगंड11:22 – 12:46
- गुलिक काल14:11 – 15:35
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)07:09 – 08:33
- काल(वर्जित (परंपरा))08:33 – 09:58
- शुभ(शुभ)09:58 – 11:22
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:22 – 12:46
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:46 – 14:11
- चर(सामान्य)14:11 – 15:35
- लाभ(शुभ)15:35 – 16:59
- अमृत(शुभ)16:59 – 18:24
रात
- चर(सामान्य)18:24 – 19:59
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:59 – 21:35
- काल(वर्जित (परंपरा))21:35 – 23:11
- लाभ(शुभ)23:11 – 00:46 (26 जन॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:46 (26 जन॰) – 02:22 (26 जन॰)
- शुभ(शुभ)02:22 (26 जन॰) – 03:58 (26 जन॰)
- अमृत(शुभ)03:58 (26 जन॰) – 05:33 (26 जन॰)
- चर(सामान्य)05:33 (26 जन॰) – 07:09 (26 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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