पंचांग 24 मार्च 2027

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

24 मार्च 2027 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:35
सूर्यास्त18:46
चंद्रोदय20:41
चंद्रास्त07:32
मास:
फाल्गुन (अमांत) · चैत्र (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
संवत्सर:
पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मीन
चंद्र राशि:
कन्या 07:33 तक, फिर तुला

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 13:14 तक, फिर कृष्ण तृतीया 12:38 (25 मार्च) तक
नक्षत्र
चित्रा 19:25 तक, फिर स्वाती 19:40 (25 मार्च) तक
योग
ध्रुव 09:15 तक, फिर व्याघात 07:32 (25 मार्च) तक
करण
गर 13:14 तक, फिर वणिज 00:51 (25 मार्च) तक, फिर विष्टि 12:38 (25 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:16 – 13:05परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:41 – 14:12
  • यमगंड08:07 – 09:38
  • गुलिक काल11:09 – 12:41

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:35 – 08:07
  • अमृत(शुभ)08:07 – 09:38
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:38 – 11:09
  • शुभ(शुभ)11:09 – 12:41
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:41 – 14:12
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:12 – 15:43
  • चर(सामान्य)15:43 – 17:15
  • लाभ(शुभ)17:15 – 18:46

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:46 – 20:14
  • शुभ(शुभ)20:14 – 21:43
  • अमृत(शुभ)21:43 – 23:12
  • चर(सामान्य)23:12 – 00:40 (25 मार्च)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:40 (25 मार्च) – 02:09 (25 मार्च)
  • काल(वर्जित (परंपरा))02:09 (25 मार्च) – 03:37 (25 मार्च)
  • लाभ(शुभ)03:37 (25 मार्च) – 05:06 (25 मार्च)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:06 (25 मार्च) – 06:34 (25 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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