पंचांग 4 मई 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
4 मई 2027 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:05
सूर्यास्त18:57
चंद्रोदय04:51 (5 मई)
चंद्रास्त17:02
- मास:
- चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
- संवत्सर:
- प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मेष
- चंद्र राशि:
- मीन 03:14 (5 मई) तक, फिर मेष
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी 19:31 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 18:17 (5 मई) तक
- नक्षत्र
- रेवती 03:15 (5 मई) तक, फिर अश्विनी 02:32 (6 मई) तक
- योग
- विष्कम्भ 16:14 तक, फिर प्रीति 14:15 (5 मई) तक
- करण
- गर 07:53 तक, फिर वणिज 19:31 तक, फिर विष्टि 06:58 (5 मई) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:57
- राहु काल15:44 – 17:20
- यमगंड09:18 – 10:55
- गुलिक काल12:31 – 14:07
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:05 – 07:42
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:42 – 09:18
- चर(सामान्य)09:18 – 10:55
- लाभ(शुभ)10:55 – 12:31
- अमृत(शुभ)12:31 – 14:07
- काल(वर्जित (परंपरा))14:07 – 15:44
- शुभ(शुभ)15:44 – 17:20
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:20 – 18:57
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:57 – 20:20
- लाभ(शुभ)20:20 – 21:44
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:44 – 23:07
- शुभ(शुभ)23:07 – 00:31 (5 मई)
- अमृत(शुभ)00:31 (5 मई) – 01:54 (5 मई)
- चर(सामान्य)01:54 (5 मई) – 03:18 (5 मई)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:18 (5 मई) – 04:41 (5 मई)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:41 (5 मई) – 06:05 (5 मई)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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