पंचांग 29 जुलाई 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
29 जुलाई 2027 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:11
सूर्यास्त19:10
चंद्रोदय02:28 (30 जुल॰)
चंद्रास्त15:16
- मास:
- आषाढ़ (अमांत) · श्रावण (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
- संवत्सर:
- प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- वृषभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी 07:34 तक, फिर कृष्ण एकादशी 05:13 (30 जुल॰) तक, फिर कृष्ण द्वादशी 02:18 (31 जुल॰) तक
- नक्षत्र
- रोहिणी 03:28 (30 जुल॰) तक, फिर मृगशीर्ष 01:24 (31 जुल॰) तक
- योग
- वृद्धि 13:20 तक, फिर ध्रुव 10:14 (30 जुल॰) तक
- करण
- विष्टि 07:34 तक, फिर बव 18:28 तक, फिर बालव 05:13 (30 जुल॰) तक, फिर कौलव 15:50 (30 जुल॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:06
- राहु काल14:18 – 15:55
- यमगंड06:11 – 07:48
- गुलिक काल09:26 – 11:03
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:11 – 07:48
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:48 – 09:26
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:26 – 11:03
- चर(सामान्य)11:03 – 12:40
- लाभ(शुभ)12:40 – 14:18
- अमृत(शुभ)14:18 – 15:55
- काल(वर्जित (परंपरा))15:55 – 17:33
- शुभ(शुभ)17:33 – 19:10
रात
- अमृत(शुभ)19:10 – 20:33
- चर(सामान्य)20:33 – 21:55
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:55 – 23:18
- काल(वर्जित (परंपरा))23:18 – 00:41 (30 जुल॰)
- लाभ(शुभ)00:41 (30 जुल॰) – 02:03 (30 जुल॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:03 (30 जुल॰) – 03:26 (30 जुल॰)
- शुभ(शुभ)03:26 (30 जुल॰) – 04:48 (30 जुल॰)
- अमृत(शुभ)04:48 (30 जुल॰) – 06:11 (30 जुल॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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