पंचांग 14 सितंबर 2027

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

14 सितंबर 2027 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:22
सूर्यास्त18:38
चंद्रोदय17:37
चंद्रास्त05:39 (15 सित॰)
मास:
भाद्रपद (अमांत)
संवत:
शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
संवत्सर:
प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 02:48 (15 सित॰) तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 04:33 (16 सित॰) तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 08:59 तक, फिर शतभिषा 11:33 (15 सित॰) तक
योग
सुकर्मा 08:36 तक, फिर धृति 09:12 (15 सित॰) तक
करण
गर 13:47 तक, फिर वणिज 02:48 (15 सित॰) तक, फिर विष्टि 15:44 (15 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:54
  • राहु काल15:34 – 17:06
  • यमगंड09:26 – 10:58
  • गुलिक काल12:30 – 14:02

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:22 – 07:54
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:26
  • चर(सामान्य)09:26 – 10:58
  • लाभ(शुभ)10:58 – 12:30
  • अमृत(शुभ)12:30 – 14:02
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:02 – 15:34
  • शुभ(शुभ)15:34 – 17:06
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:06 – 18:38

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:38 – 20:06
  • लाभ(शुभ)20:06 – 21:34
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:34 – 23:02
  • शुभ(शुभ)23:02 – 00:30 (15 सित॰)
  • अमृत(शुभ)00:30 (15 सित॰) – 01:58 (15 सित॰)
  • चर(सामान्य)01:58 (15 सित॰) – 03:26 (15 सित॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:26 (15 सित॰) – 04:54 (15 सित॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))04:54 (15 सित॰) – 06:22 (15 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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