पंचांग 28 मई 2028

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

28 मई 2028 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:06
चंद्रोदय09:32
चंद्रास्त22:56
मास:
ज्येष्ठ (अमांत)
संवत:
शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
संवत्सर:
कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
वृषभ
चंद्र राशि:
मिथुन 06:33 तक, फिर कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 08:22 तक, फिर शुक्ल पंचमी 06:26 (29 मई) तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 12:16 तक, फिर पुष्य 11:05 (29 मई) तक
योग
गण्ड 07:06 तक, फिर वृद्धि 04:29 (29 मई) तक, फिर ध्रुव 01:46 (30 मई) तक
करण
विष्टि 08:22 तक, फिर बव 19:25 तक, फिर बालव 06:26 (29 मई) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:58
  • राहु काल17:27 – 19:06
  • यमगंड12:31 – 14:10
  • गुलिक काल15:49 – 17:27

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:57 – 07:36
  • चर(सामान्य)07:36 – 09:14
  • लाभ(शुभ)09:14 – 10:53
  • अमृत(शुभ)10:53 – 12:31
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:10
  • शुभ(शुभ)14:10 – 15:49
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:49 – 17:27
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:27 – 19:06

रात

  • शुभ(शुभ)19:06 – 20:27
  • अमृत(शुभ)20:27 – 21:49
  • चर(सामान्य)21:49 – 23:10
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:10 – 00:31 (29 मई)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:31 (29 मई) – 01:53 (29 मई)
  • लाभ(शुभ)01:53 (29 मई) – 03:14 (29 मई)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:14 (29 मई) – 04:36 (29 मई)
  • शुभ(शुभ)04:36 (29 मई) – 05:57 (29 मई)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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