पंचांग 19 जून 2028
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
19 जून 2028 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:58
सूर्यास्त19:13
चंद्रोदय03:25 (20 जून)
चंद्रास्त16:03
- मास:
- ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
- संवत्सर:
- कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मिथुन
- चंद्र राशि:
- मेष 05:27 (20 जून) तक, फिर वृषभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी 03:21 (20 जून) तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 02:48 (21 जून) तक
- नक्षत्र
- भरणी 23:20 तक, फिर कृत्तिका 23:35 (20 जून) तक
- योग
- सुकर्मा 02:42 (20 जून) तक, फिर धृति 01:16 (21 जून) तक
- करण
- कौलव 15:23 तक, फिर तैतिल 03:21 (20 जून) तक, फिर गर 15:09 (20 जून) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:09 – 13:02
- राहु काल07:38 – 09:17
- यमगंड10:56 – 12:36
- गुलिक काल14:15 – 15:54
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)05:58 – 07:38
- काल(वर्जित (परंपरा))07:38 – 09:17
- शुभ(शुभ)09:17 – 10:56
- रोग(वर्जित (परंपरा))10:56 – 12:36
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:36 – 14:15
- चर(सामान्य)14:15 – 15:54
- लाभ(शुभ)15:54 – 17:33
- अमृत(शुभ)17:33 – 19:13
रात
- चर(सामान्य)19:13 – 20:33
- रोग(वर्जित (परंपरा))20:33 – 21:54
- काल(वर्जित (परंपरा))21:54 – 23:15
- लाभ(शुभ)23:15 – 00:36 (20 जून)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:36 (20 जून) – 01:56 (20 जून)
- शुभ(शुभ)01:56 (20 जून) – 03:17 (20 जून)
- अमृत(शुभ)03:17 (20 जून) – 04:38 (20 जून)
- चर(सामान्य)04:38 (20 जून) – 05:58 (20 जून)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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