पंचांग 6 अगस्त 2028
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
6 अगस्त 2028 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:13
सूर्यास्त19:06
चंद्रोदय19:42
चंद्रास्त06:52
- मास:
- श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
- संवत्सर:
- कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- मकर 11:18 तक, फिर कुंभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा 15:45 तक, फिर कृष्ण द्वितीया 18:04 (7 अग॰) तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा 00:42 (7 अग॰) तक, फिर शतभिषा 03:38 (8 अग॰) तक
- योग
- सौभाग्य 17:26 तक, फिर शोभन 18:19 (7 अग॰) तक
- करण
- कौलव 15:45 तक, फिर तैतिल 04:53 (7 अग॰) तक, फिर गर 18:04 (7 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:06
- राहु काल17:30 – 19:06
- यमगंड12:40 – 14:16
- गुलिक काल15:53 – 17:30
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:13 – 07:50
- चर(सामान्य)07:50 – 09:27
- लाभ(शुभ)09:27 – 11:03
- अमृत(शुभ)11:03 – 12:40
- काल(वर्जित (परंपरा))12:40 – 14:16
- शुभ(शुभ)14:16 – 15:53
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:53 – 17:30
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:30 – 19:06
रात
- शुभ(शुभ)19:06 – 20:30
- अमृत(शुभ)20:30 – 21:53
- चर(सामान्य)21:53 – 23:17
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:17 – 00:40 (7 अग॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:40 (7 अग॰) – 02:03 (7 अग॰)
- लाभ(शुभ)02:03 (7 अग॰) – 03:27 (7 अग॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:27 (7 अग॰) – 04:50 (7 अग॰)
- शुभ(शुभ)04:50 (7 अग॰) – 06:14 (7 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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