पंचांग 28 नवंबर 2028

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

28 नवंबर 2028 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:48
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय15:07
चंद्रास्त04:12 (29 नव॰)
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत)
संवत:
शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
संवत्सर:
कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
मीन 14:28 तक, फिर मेष

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 04:14 (29 नव॰) तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी 05:42 (30 नव॰) तक
नक्षत्र
रेवती 14:27 तक, फिर अश्विनी 16:40 (29 नव॰) तक
योग
व्यतीपात 22:15 तक, फिर वरीयान 22:22 (29 नव॰) तक
करण
बव 15:19 तक, फिर बालव 04:14 (29 नव॰) तक, फिर कौलव 17:01 (29 नव॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:00 – 12:44
  • राहु काल15:09 – 16:32
  • यमगंड09:35 – 10:59
  • गुलिक काल12:22 – 13:45

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:48 – 08:12
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:12 – 09:35
  • चर(सामान्य)09:35 – 10:59
  • लाभ(शुभ)10:59 – 12:22
  • अमृत(शुभ)12:22 – 13:45
  • काल(वर्जित (परंपरा))13:45 – 15:09
  • शुभ(शुभ)15:09 – 16:32
  • रोग(वर्जित (परंपरा))16:32 – 17:56

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))17:56 – 19:32
  • लाभ(शुभ)19:32 – 21:09
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:09 – 22:46
  • शुभ(शुभ)22:46 – 00:22 (29 नव॰)
  • अमृत(शुभ)00:22 (29 नव॰) – 01:59 (29 नव॰)
  • चर(सामान्य)01:59 (29 नव॰) – 03:36 (29 नव॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:36 (29 नव॰) – 05:12 (29 नव॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:12 (29 नव॰) – 06:49 (29 नव॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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