पंचांग 7 दिसंबर 2028
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
7 दिसंबर 2028 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:54
सूर्यास्त17:57
चंद्रोदय23:04
चंद्रास्त11:08
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
- संवत्सर:
- कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- कर्क 19:06 तक, फिर सिंह
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी 02:00 (8 दिस॰) तक, फिर कृष्ण सप्तमी 00:09 (9 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा 19:06 तक, फिर मघा 17:59 (8 दिस॰) तक
- योग
- इन्द्र 10:58 तक, फिर वैधृति 08:23 (8 दिस॰) तक
- करण
- गर 14:51 तक, फिर वणिज 02:00 (8 दिस॰) तक, फिर विष्टि 13:06 (8 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:03 – 12:48
- राहु काल13:49 – 15:11
- यमगंड06:54 – 08:17
- गुलिक काल09:40 – 11:03
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:54 – 08:17
- रोग(वर्जित (परंपरा))08:17 – 09:40
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:40 – 11:03
- चर(सामान्य)11:03 – 12:26
- लाभ(शुभ)12:26 – 13:49
- अमृत(शुभ)13:49 – 15:11
- काल(वर्जित (परंपरा))15:11 – 16:34
- शुभ(शुभ)16:34 – 17:57
रात
- अमृत(शुभ)17:57 – 19:35
- चर(सामान्य)19:35 – 21:12
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:12 – 22:49
- काल(वर्जित (परंपरा))22:49 – 00:26 (8 दिस॰)
- लाभ(शुभ)00:26 (8 दिस॰) – 02:03 (8 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:03 (8 दिस॰) – 03:40 (8 दिस॰)
- शुभ(शुभ)03:40 (8 दिस॰) – 05:17 (8 दिस॰)
- अमृत(शुभ)05:17 (8 दिस॰) – 06:54 (8 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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