पंचांग 15 दिसंबर 2028
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
15 दिसंबर 2028 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:59
सूर्यास्त18:00
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त17:19
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
- संवत्सर:
- कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक 06:56 (16 दिस॰) तक, फिर धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी 09:01 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 07:36 (16 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- अनुराधा 07:43 तक, फिर ज्येष्ठा 06:56 (16 दिस॰) तक, फिर मूल 06:39 (17 दिस॰) तक
- योग
- धृति 08:44 तक, फिर शूल 06:21 (16 दिस॰) तक, फिर गण्ड 04:23 (17 दिस॰) तक
- करण
- शकुनि 09:01 तक, फिर चतुष्पद 20:15 तक, फिर नाग 07:36 (16 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:51
- राहु काल11:07 – 12:29
- यमगंड15:15 – 16:37
- गुलिक काल08:21 – 09:44
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:59 – 08:21
- लाभ(शुभ)08:21 – 09:44
- अमृत(शुभ)09:44 – 11:07
- काल(वर्जित (परंपरा))11:07 – 12:29
- शुभ(शुभ)12:29 – 13:52
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:52 – 15:15
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:15 – 16:37
- चर(सामान्य)16:37 – 18:00
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:00 – 19:37
- काल(वर्जित (परंपरा))19:37 – 21:15
- लाभ(शुभ)21:15 – 22:52
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:52 – 00:30 (16 दिस॰)
- शुभ(शुभ)00:30 (16 दिस॰) – 02:07 (16 दिस॰)
- अमृत(शुभ)02:07 (16 दिस॰) – 03:44 (16 दिस॰)
- चर(सामान्य)03:44 (16 दिस॰) – 05:22 (16 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:22 (16 दिस॰) – 06:59 (16 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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