पंचांग 17 दिसंबर 2028
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
17 दिसंबर 2028 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:00
सूर्यास्त18:01
चंद्रोदय08:00
चंद्रास्त19:18
- मास:
- पौष (अमांत)
- संवत:
- शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
- संवत्सर:
- कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया 06:23 (18 दिस॰) तक, फिर शुक्ल तृतीया 06:44 (19 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 06:57 (18 दिस॰) तक, फिर उत्तराषाढ़ा 07:53 (19 दिस॰) तक
- योग
- वृद्धि 02:52 (18 दिस॰) तक, फिर ध्रुव 01:51 (19 दिस॰) तक
- करण
- बालव 18:27 तक, फिर कौलव 06:23 (18 दिस॰) तक, फिर तैतिल 18:28 (18 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:52
- राहु काल16:38 – 18:01
- यमगंड12:30 – 13:53
- गुलिक काल15:16 – 16:38
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:00 – 08:22
- चर(सामान्य)08:22 – 09:45
- लाभ(शुभ)09:45 – 11:08
- अमृत(शुभ)11:08 – 12:30
- काल(वर्जित (परंपरा))12:30 – 13:53
- शुभ(शुभ)13:53 – 15:16
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:16 – 16:38
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:38 – 18:01
रात
- शुभ(शुभ)18:01 – 19:38
- अमृत(शुभ)19:38 – 21:16
- चर(सामान्य)21:16 – 22:53
- रोग(वर्जित (परंपरा))22:53 – 00:31 (18 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:31 (18 दिस॰) – 02:08 (18 दिस॰)
- लाभ(शुभ)02:08 (18 दिस॰) – 03:45 (18 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:45 (18 दिस॰) – 05:23 (18 दिस॰)
- शुभ(शुभ)05:23 (18 दिस॰) – 07:00 (18 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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