पंचांग 24 जुलाई 2029
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
24 जुलाई 2029 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:09
सूर्यास्त19:12
चंद्रोदय18:16
चंद्रास्त05:43 (25 जुल॰)
- मास:
- आषाढ़ (अमांत)
- संवत:
- शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
- संवत्सर:
- सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- धनु 03:32 (25 जुल॰) तक, फिर मकर
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी 19:51 तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 19:05 (25 जुल॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 21:34 तक, फिर उत्तराषाढ़ा 21:35 (25 जुल॰) तक
- योग
- वैधृति 14:11 तक, फिर विष्कम्भ 12:29 (25 जुल॰) तक
- करण
- गर 08:22 तक, फिर वणिज 19:51 तक, फिर विष्टि 07:25 (25 जुल॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:07
- राहु काल15:56 – 17:34
- यमगंड09:25 – 11:03
- गुलिक काल12:41 – 14:18
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:09 – 07:47
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:47 – 09:25
- चर(सामान्य)09:25 – 11:03
- लाभ(शुभ)11:03 – 12:41
- अमृत(शुभ)12:41 – 14:18
- काल(वर्जित (परंपरा))14:18 – 15:56
- शुभ(शुभ)15:56 – 17:34
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:34 – 19:12
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))19:12 – 20:34
- लाभ(शुभ)20:34 – 21:56
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:56 – 23:18
- शुभ(शुभ)23:18 – 00:41 (25 जुल॰)
- अमृत(शुभ)00:41 (25 जुल॰) – 02:03 (25 जुल॰)
- चर(सामान्य)02:03 (25 जुल॰) – 03:25 (25 जुल॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:25 (25 जुल॰) – 04:47 (25 जुल॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:47 (25 जुल॰) – 06:09 (25 जुल॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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