पंचांग 28 अगस्त 2029

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

28 अगस्त 2029 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:19
सूर्यास्त18:52
चंद्रोदय21:19
चंद्रास्त09:36
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
संवत्सर:
सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
मीन 15:42 तक, फिर मेष

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 13:46 तक, फिर कृष्ण पंचमी 16:12 (29 अग॰) तक
नक्षत्र
रेवती 15:42 तक, फिर अश्विनी 18:41 (29 अग॰) तक
योग
गण्ड 19:50 तक, फिर वृद्धि 20:48 (29 अग॰) तक
करण
बालव 13:46 तक, फिर कौलव 02:58 (29 अग॰) तक, फिर तैतिल 16:12 (29 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:10 – 13:00
  • राहु काल15:43 – 17:17
  • यमगंड09:27 – 11:01
  • गुलिक काल12:35 – 14:09

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:19 – 07:53
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:53 – 09:27
  • चर(सामान्य)09:27 – 11:01
  • लाभ(शुभ)11:01 – 12:35
  • अमृत(शुभ)12:35 – 14:09
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:09 – 15:43
  • शुभ(शुभ)15:43 – 17:17
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:17 – 18:52

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:52 – 20:17
  • लाभ(शुभ)20:17 – 21:43
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:09
  • शुभ(शुभ)23:09 – 00:35 (29 अग॰)
  • अमृत(शुभ)00:35 (29 अग॰) – 02:01 (29 अग॰)
  • चर(सामान्य)02:01 (29 अग॰) – 03:27 (29 अग॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:27 (29 अग॰) – 04:53 (29 अग॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))04:53 (29 अग॰) – 06:19 (29 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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