पंचांग 19 दिसंबर 2029

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

19 दिसंबर 2029 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:01
सूर्यास्त18:02
चंद्रोदय16:46
चंद्रास्त06:20 (20 दिस॰)
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत)
संवत:
शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
संवत्सर:
सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 02:30 (20 दिस॰) तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 04:16 (21 दिस॰) तक
नक्षत्र
रोहिणी 05:12 (20 दिस॰) तक, फिर मृगशीर्ष 07:24 (21 दिस॰) तक
योग
साध्य 21:43 तक, फिर शुभ 22:01 (20 दिस॰) तक
करण
गर 13:28 तक, फिर वणिज 02:30 (20 दिस॰) तक, फिर विष्टि 15:26 (20 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:53परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:31 – 13:54
  • यमगंड08:23 – 09:46
  • गुलिक काल11:09 – 12:31

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)07:01 – 08:23
  • अमृत(शुभ)08:23 – 09:46
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:46 – 11:09
  • शुभ(शुभ)11:09 – 12:31
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 13:54
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))13:54 – 15:16
  • चर(सामान्य)15:16 – 16:39
  • लाभ(शुभ)16:39 – 18:02

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:02 – 19:39
  • शुभ(शुभ)19:39 – 21:17
  • अमृत(शुभ)21:17 – 22:54
  • चर(सामान्य)22:54 – 00:31 (20 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:31 (20 दिस॰) – 02:09 (20 दिस॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))02:09 (20 दिस॰) – 03:46 (20 दिस॰)
  • लाभ(शुभ)03:46 (20 दिस॰) – 05:24 (20 दिस॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:24 (20 दिस॰) – 07:01 (20 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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