पंचांग 25 दिसंबर 2029
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
25 दिसंबर 2029 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:03
सूर्यास्त18:05
चंद्रोदय22:09
चंद्रास्त10:07
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
- संवत्सर:
- सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- कर्क 11:54 तक, फिर सिंह
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी 06:25 (26 दिस॰) तक, फिर कृष्ण षष्ठी 05:29 (27 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा 11:55 तक, फिर मघा 11:56 (26 दिस॰) तक
- योग
- विष्कम्भ 18:26 तक, फिर प्रीति 16:40 (26 दिस॰) तक
- करण
- कौलव 18:43 तक, फिर तैतिल 06:25 (26 दिस॰) तक, फिर गर 18:00 (26 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:12 – 12:56
- राहु काल15:19 – 16:42
- यमगंड09:49 – 11:11
- गुलिक काल12:34 – 13:57
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:03 – 08:26
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:26 – 09:49
- चर(सामान्य)09:49 – 11:11
- लाभ(शुभ)11:11 – 12:34
- अमृत(शुभ)12:34 – 13:57
- काल(वर्जित (परंपरा))13:57 – 15:19
- शुभ(शुभ)15:19 – 16:42
- रोग(वर्जित (परंपरा))16:42 – 18:05
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:05 – 19:42
- लाभ(शुभ)19:42 – 21:20
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:20 – 22:57
- शुभ(शुभ)22:57 – 00:34 (26 दिस॰)
- अमृत(शुभ)00:34 (26 दिस॰) – 02:12 (26 दिस॰)
- चर(सामान्य)02:12 (26 दिस॰) – 03:49 (26 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:49 (26 दिस॰) – 05:27 (26 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))05:27 (26 दिस॰) – 07:04 (26 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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