पंचांग 27 दिसंबर 2029

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

27 दिसंबर 2029 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:04
सूर्यास्त18:06
चंद्रोदय23:59
चंद्रास्त11:26
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
संवत्सर:
सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
सिंह 17:23 तक, फिर कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 04:08 (28 दिस॰) तक, फिर कृष्ण अष्टमी 02:23 (29 दिस॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाफाल्गुनी 11:32 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 10:44 (28 दिस॰) तक
योग
आयुष्मान 14:34 तक, फिर सौभाग्य 12:07 (28 दिस॰) तक
करण
विष्टि 16:52 तक, फिर बव 04:08 (28 दिस॰) तक, फिर बालव 15:19 (28 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:13 – 12:57
  • राहु काल13:58 – 15:21
  • यमगंड07:04 – 08:27
  • गुलिक काल09:50 – 11:12

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)07:04 – 08:27
  • रोग(वर्जित (परंपरा))08:27 – 09:50
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:50 – 11:12
  • चर(सामान्य)11:12 – 12:35
  • लाभ(शुभ)12:35 – 13:58
  • अमृत(शुभ)13:58 – 15:21
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:21 – 16:43
  • शुभ(शुभ)16:43 – 18:06

रात

  • अमृत(शुभ)18:06 – 19:43
  • चर(सामान्य)19:43 – 21:21
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:21 – 22:58
  • काल(वर्जित (परंपरा))22:58 – 00:35 (28 दिस॰)
  • लाभ(शुभ)00:35 (28 दिस॰) – 02:13 (28 दिस॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:13 (28 दिस॰) – 03:50 (28 दिस॰)
  • शुभ(शुभ)03:50 (28 दिस॰) – 05:27 (28 दिस॰)
  • अमृत(शुभ)05:27 (28 दिस॰) – 07:05 (28 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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