पंचांग 24 फ़रवरी 2030
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
24 फ़रवरी 2030 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:57
सूर्यास्त18:38
चंद्रोदय00:48 (25 फ़र॰)
चंद्रास्त11:13
- मास:
- माघ (अमांत) · फाल्गुन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
- संवत्सर:
- सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- कुंभ
- चंद्र राशि:
- तुला 10:40 तक, फिर वृश्चिक
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी 20:27 तक, फिर कृष्ण अष्टमी 18:31 (25 फ़र॰) तक
- नक्षत्र
- विशाखा 16:19 तक, फिर अनुराधा 15:04 (25 फ़र॰) तक
- योग
- ध्रुव 08:32 तक, फिर व्याघात 05:42 (25 फ़र॰) तक, फिर हर्षण 03:01 (26 फ़र॰) तक
- करण
- विष्टि 09:29 तक, फिर बव 20:27 तक, फिर बालव 07:27 (25 फ़र॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:24 – 13:11
- राहु काल17:10 – 18:38
- यमगंड12:47 – 14:15
- गुलिक काल15:43 – 17:10
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:57 – 08:24
- चर(सामान्य)08:24 – 09:52
- लाभ(शुभ)09:52 – 11:20
- अमृत(शुभ)11:20 – 12:47
- काल(वर्जित (परंपरा))12:47 – 14:15
- शुभ(शुभ)14:15 – 15:43
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:10
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:10 – 18:38
रात
- शुभ(शुभ)18:38 – 20:10
- अमृत(शुभ)20:10 – 21:43
- चर(सामान्य)21:43 – 23:15
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:15 – 00:47 (25 फ़र॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:47 (25 फ़र॰) – 02:19 (25 फ़र॰)
- लाभ(शुभ)02:19 (25 फ़र॰) – 03:51 (25 फ़र॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:51 (25 फ़र॰) – 05:24 (25 फ़र॰)
- शुभ(शुभ)05:24 (25 फ़र॰) – 06:56 (25 फ़र॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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