पंचांग 9 अगस्त 2030

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

9 अगस्त 2030 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:14
सूर्यास्त19:05
चंद्रोदय15:24
चंद्रास्त02:47 (10 अग॰)
मास:
श्रावण (अमांत)
संवत:
शक 1952 · विक्रम (चैत्रादि) 2087
संवत्सर:
साधारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कर्क
चंद्र राशि:
वृश्चिक 17:39 तक, फिर धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 02:00 (10 अग॰) तक, फिर शुक्ल द्वादशी 23:24 (10 अग॰) तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 17:39 तक, फिर मूल 15:51 (10 अग॰) तक
योग
इन्द्र 08:14 तक, फिर वैधृति 05:05 (10 अग॰) तक, फिर विष्कम्भ 01:53 (11 अग॰) तक
करण
वणिज 15:17 तक, फिर विष्टि 02:00 (10 अग॰) तक, फिर बव 12:42 (10 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:05
  • राहु काल11:03 – 12:40
  • यमगंड15:52 – 17:29
  • गुलिक काल07:50 – 09:27

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:14 – 07:50
  • लाभ(शुभ)07:50 – 09:27
  • अमृत(शुभ)09:27 – 11:03
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:40
  • शुभ(शुभ)12:40 – 14:16
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:16 – 15:52
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:52 – 17:29
  • चर(सामान्य)17:29 – 19:05

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:05 – 20:29
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:29 – 21:52
  • लाभ(शुभ)21:52 – 23:16
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:16 – 00:40 (10 अग॰)
  • शुभ(शुभ)00:40 (10 अग॰) – 02:03 (10 अग॰)
  • अमृत(शुभ)02:03 (10 अग॰) – 03:27 (10 अग॰)
  • चर(सामान्य)03:27 (10 अग॰) – 04:51 (10 अग॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:51 (10 अग॰) – 06:14 (10 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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