पंचांग 16 अगस्त 2030

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

16 अगस्त 2030 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:16
सूर्यास्त19:01
चंद्रोदय20:53
चंद्रास्त08:42
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1952 · विक्रम (चैत्रादि) 2087
संवत्सर:
साधारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कर्क
चंद्र राशि:
मीन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 12:42 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी 12:52 (17 अग॰) तक
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपदा 09:16 तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 10:02 (17 अग॰) तक
योग
सुकर्मा 10:52 तक, फिर धृति 09:56 (17 अग॰) तक
करण
विष्टि 12:42 तक, फिर बव 00:41 (17 अग॰) तक, फिर बालव 12:52 (17 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:13 – 13:04
  • राहु काल11:03 – 12:38
  • यमगंड15:49 – 17:25
  • गुलिक काल07:52 – 09:27

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:16 – 07:52
  • लाभ(शुभ)07:52 – 09:27
  • अमृत(शुभ)09:27 – 11:03
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:38
  • शुभ(शुभ)12:38 – 14:14
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:14 – 15:49
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:49 – 17:25
  • चर(सामान्य)17:25 – 19:01

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:01 – 20:25
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:25 – 21:49
  • लाभ(शुभ)21:49 – 23:14
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:14 – 00:38 (17 अग॰)
  • शुभ(शुभ)00:38 (17 अग॰) – 02:03 (17 अग॰)
  • अमृत(शुभ)02:03 (17 अग॰) – 03:27 (17 अग॰)
  • चर(सामान्य)03:27 (17 अग॰) – 04:52 (17 अग॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:52 (17 अग॰) – 06:16 (17 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

अपनी कुंडली देखें