पंचांग 13 दिसंबर 2030

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

13 दिसंबर 2030 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:57
सूर्यास्त17:59
चंद्रोदय20:56
चंद्रास्त09:18
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1952 · विक्रम (चैत्रादि) 2087
संवत्सर:
साधारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 11:56 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी 14:04 (14 दिस॰) तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 12:38 तक, फिर पुष्य 15:12 (14 दिस॰) तक
योग
ब्रह्म 18:09 तक, फिर इन्द्र 18:36 (14 दिस॰) तक
करण
विष्टि 11:56 तक, फिर बव 01:02 (14 दिस॰) तक, फिर बालव 14:04 (14 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:50
  • राहु काल11:05 – 12:28
  • यमगंड15:14 – 16:36
  • गुलिक काल08:20 – 09:43

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:57 – 08:20
  • लाभ(शुभ)08:20 – 09:43
  • अमृत(शुभ)09:43 – 11:05
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:05 – 12:28
  • शुभ(शुभ)12:28 – 13:51
  • रोग(वर्जित (परंपरा))13:51 – 15:14
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:14 – 16:36
  • चर(सामान्य)16:36 – 17:59

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:59 – 19:36
  • काल(वर्जित (परंपरा))19:36 – 21:14
  • लाभ(शुभ)21:14 – 22:51
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:51 – 00:28 (14 दिस॰)
  • शुभ(शुभ)00:28 (14 दिस॰) – 02:06 (14 दिस॰)
  • अमृत(शुभ)02:06 (14 दिस॰) – 03:43 (14 दिस॰)
  • चर(सामान्य)03:43 (14 दिस॰) – 05:20 (14 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))05:20 (14 दिस॰) – 06:58 (14 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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