पंचांग 10 फ़रवरी 2031
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
10 फ़रवरी 2031 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:04
सूर्यास्त18:32
चंद्रोदय21:03
चंद्रास्त08:33
- मास:
- माघ (अमांत) · फाल्गुन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1952 · विक्रम (चैत्रादि) 2087
- संवत्सर:
- साधारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मकर
- चंद्र राशि:
- सिंह 13:49 तक, फिर कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया 20:01 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी 19:50 (11 फ़र॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाफाल्गुनी 07:39 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 08:14 (11 फ़र॰) तक
- योग
- सुकर्मा 00:30 (11 फ़र॰) तक, फिर धृति 23:07 (11 फ़र॰) तक
- करण
- वणिज 07:59 तक, फिर विष्टि 20:01 तक, फिर बव 07:58 (11 फ़र॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11
- राहु काल08:30 – 09:56
- यमगंड11:22 – 12:48
- गुलिक काल14:14 – 15:40
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)07:04 – 08:30
- काल(वर्जित (परंपरा))08:30 – 09:56
- शुभ(शुभ)09:56 – 11:22
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:22 – 12:48
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:48 – 14:14
- चर(सामान्य)14:14 – 15:40
- लाभ(शुभ)15:40 – 17:06
- अमृत(शुभ)17:06 – 18:32
रात
- चर(सामान्य)18:32 – 20:06
- रोग(वर्जित (परंपरा))20:06 – 21:40
- काल(वर्जित (परंपरा))21:40 – 23:14
- लाभ(शुभ)23:14 – 00:48 (11 फ़र॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:48 (11 फ़र॰) – 02:22 (11 फ़र॰)
- शुभ(शुभ)02:22 (11 फ़र॰) – 03:56 (11 फ़र॰)
- अमृत(शुभ)03:56 (11 फ़र॰) – 05:30 (11 फ़र॰)
- चर(सामान्य)05:30 (11 फ़र॰) – 07:04 (11 फ़र॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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