पंचांग 16 अक्टूबर 2031
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
16 अक्टूबर 2031 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:28
सूर्यास्त18:11
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त18:08
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1953 · विक्रम (चैत्रादि) 2088
- संवत्सर:
- विरोधकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- कन्या 16:35 तक, फिर तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या 13:50 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 12:59 (17 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- चित्रा 04:32 (17 अक्टू॰) तक, फिर स्वाती 04:06 (18 अक्टू॰) तक
- योग
- वैधृति 18:57 तक, फिर विष्कम्भ 17:04 (17 अक्टू॰) तक
- करण
- नाग 13:50 तक, फिर किंस्तुघ्न 01:28 (17 अक्टू॰) तक, फिर बव 12:59 (17 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:56 – 12:43
- राहु काल13:47 – 15:15
- यमगंड06:28 – 07:56
- गुलिक काल09:24 – 10:52
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:28 – 07:56
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:56 – 09:24
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:24 – 10:52
- चर(सामान्य)10:52 – 12:20
- लाभ(शुभ)12:20 – 13:47
- अमृत(शुभ)13:47 – 15:15
- काल(वर्जित (परंपरा))15:15 – 16:43
- शुभ(शुभ)16:43 – 18:11
रात
- अमृत(शुभ)18:11 – 19:43
- चर(सामान्य)19:43 – 21:15
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:15 – 22:48
- काल(वर्जित (परंपरा))22:48 – 00:20 (17 अक्टू॰)
- लाभ(शुभ)00:20 (17 अक्टू॰) – 01:52 (17 अक्टू॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))01:52 (17 अक्टू॰) – 03:24 (17 अक्टू॰)
- शुभ(शुभ)03:24 (17 अक्टू॰) – 04:56 (17 अक्टू॰)
- अमृत(शुभ)04:56 (17 अक्टू॰) – 06:28 (17 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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