पंचांग 29 नवंबर 2031

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

29 नवंबर 2031 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:48
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय18:23
चंद्रास्त06:55
मास:
कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1953 · विक्रम (चैत्रादि) 2088
संवत्सर:
विरोधकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 06:09 (30 नव॰) तक, फिर कृष्ण द्वितीया 07:56 (1 दिस॰) तक
नक्षत्र
रोहिणी 02:21 (30 नव॰) तक, फिर मृगशीर्ष 04:33 (1 दिस॰) तक
योग
शिव 08:47 तक, फिर सिद्ध 08:45 (30 नव॰) तक
करण
बालव 17:26 तक, फिर कौलव 06:09 (30 नव॰) तक, फिर तैतिल 18:59 (30 नव॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:00 – 12:44
  • राहु काल09:35 – 10:59
  • यमगंड13:46 – 15:09
  • गुलिक काल06:48 – 08:12

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))06:48 – 08:12
  • शुभ(शुभ)08:12 – 09:35
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:35 – 10:59
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:59 – 12:22
  • चर(सामान्य)12:22 – 13:46
  • लाभ(शुभ)13:46 – 15:09
  • अमृत(शुभ)15:09 – 16:32
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:32 – 17:56

रात

  • लाभ(शुभ)17:56 – 19:32
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:32 – 21:09
  • शुभ(शुभ)21:09 – 22:46
  • अमृत(शुभ)22:46 – 00:22 (30 नव॰)
  • चर(सामान्य)00:22 (30 नव॰) – 01:59 (30 नव॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))01:59 (30 नव॰) – 03:36 (30 नव॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:36 (30 नव॰) – 05:12 (30 नव॰)
  • लाभ(शुभ)05:12 (30 नव॰) – 06:49 (30 नव॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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