पंचांग 28 अक्टूबर 2033

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

28 अक्टूबर 2033 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:32
सूर्यास्त18:03
चंद्रोदय10:30
चंद्रास्त22:02
मास:
कार्तिक (अमांत)
संवत:
शक 1955 · विक्रम (चैत्रादि) 2090
संवत्सर:
प्रमादी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
तुला
चंद्र राशि:
धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 22:14 तक, फिर शुक्ल षष्ठी 22:42 (29 अक्टू॰) तक
नक्षत्र
मूल 02:11 (29 अक्टू॰) तक, फिर पूर्वाषाढ़ा 03:09 (30 अक्टू॰) तक
योग
अतिगण्ड 17:49 तक, फिर सुकर्मा 17:10 (29 अक्टू॰) तक
करण
बव 09:47 तक, फिर बालव 22:14 तक, फिर कौलव 10:32 (29 अक्टू॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:41
  • राहु काल10:51 – 12:18
  • यमगंड15:10 – 16:37
  • गुलिक काल07:59 – 09:25

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:32 – 07:59
  • लाभ(शुभ)07:59 – 09:25
  • अमृत(शुभ)09:25 – 10:51
  • काल(वर्जित (परंपरा))10:51 – 12:18
  • शुभ(शुभ)12:18 – 13:44
  • रोग(वर्जित (परंपरा))13:44 – 15:10
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:10 – 16:37
  • चर(सामान्य)16:37 – 18:03

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:03 – 19:37
  • काल(वर्जित (परंपरा))19:37 – 21:11
  • लाभ(शुभ)21:11 – 22:44
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:44 – 00:18 (29 अक्टू॰)
  • शुभ(शुभ)00:18 (29 अक्टू॰) – 01:52 (29 अक्टू॰)
  • अमृत(शुभ)01:52 (29 अक्टू॰) – 03:25 (29 अक्टू॰)
  • चर(सामान्य)03:25 (29 अक्टू॰) – 04:59 (29 अक्टू॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:59 (29 अक्टू॰) – 06:33 (29 अक्टू॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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