पंचांग 28 फ़रवरी 2036

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

28 फ़रवरी 2036 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:54
सूर्यास्त18:39
चंद्रोदय07:36
चंद्रास्त19:43
मास:
फाल्गुन (अमांत)
संवत:
शक 1957 · विक्रम (चैत्रादि) 2092
संवत्सर:
राक्षस (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
कुंभ
चंद्र राशि:
कुंभ 17:59 तक, फिर मीन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 11:58 तक, फिर शुक्ल द्वितीया 12:59 (29 फ़र॰) तक
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपदा 00:23 (29 फ़र॰) तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 01:45 (1 मार्च) तक
योग
सिद्ध 08:48 तक, फिर साध्य 08:32 (29 फ़र॰) तक
करण
बव 11:58 तक, फिर बालव 00:32 (29 फ़र॰) तक, फिर कौलव 12:59 (29 फ़र॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:23 – 13:10
  • राहु काल14:15 – 15:43
  • यमगंड06:54 – 08:22
  • गुलिक काल09:50 – 11:19

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:54 – 08:22
  • रोग(वर्जित (परंपरा))08:22 – 09:50
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:50 – 11:19
  • चर(सामान्य)11:19 – 12:47
  • लाभ(शुभ)12:47 – 14:15
  • अमृत(शुभ)14:15 – 15:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:11
  • शुभ(शुभ)17:11 – 18:39

रात

  • अमृत(शुभ)18:39 – 20:11
  • चर(सामान्य)20:11 – 21:43
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:15
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:15 – 00:46 (29 फ़र॰)
  • लाभ(शुभ)00:46 (29 फ़र॰) – 02:18 (29 फ़र॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:18 (29 फ़र॰) – 03:50 (29 फ़र॰)
  • शुभ(शुभ)03:50 (29 फ़र॰) – 05:22 (29 फ़र॰)
  • अमृत(शुभ)05:22 (29 फ़र॰) – 06:53 (29 फ़र॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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