पंचांग 3 अप्रैल 2036

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

3 अप्रैल 2036 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:26
सूर्यास्त18:48
चंद्रोदय11:37
चंद्रास्त01:01 (4 अप्रैल)
मास:
चैत्र (अमांत)
संवत:
शक 1958 · विक्रम (चैत्रादि) 2093
संवत्सर:
नल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मीन
चंद्र राशि:
मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 18:34 तक, फिर शुक्ल अष्टमी 16:30 (4 अप्रैल) तक
नक्षत्र
आर्द्रा 04:47 (4 अप्रैल) तक, फिर पुनर्वसु 03:25 (5 अप्रैल) तक
योग
शोभन 22:50 तक, फिर अतिगण्ड 20:00 (4 अप्रैल) तक
करण
गर 07:32 तक, फिर वणिज 18:34 तक, फिर विष्टि 05:33 (4 अप्रैल) तक, फिर बव 16:30 (4 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:13 – 13:02
  • राहु काल14:10 – 15:43
  • यमगंड06:26 – 07:59
  • गुलिक काल09:32 – 11:05

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:26 – 07:59
  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:59 – 09:32
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:32 – 11:05
  • चर(सामान्य)11:05 – 12:37
  • लाभ(शुभ)12:37 – 14:10
  • अमृत(शुभ)14:10 – 15:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:16
  • शुभ(शुभ)17:16 – 18:48

रात

  • अमृत(शुभ)18:48 – 20:15
  • चर(सामान्य)20:15 – 21:43
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:10
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:10 – 00:37 (4 अप्रैल)
  • लाभ(शुभ)00:37 (4 अप्रैल) – 02:04 (4 अप्रैल)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:04 (4 अप्रैल) – 03:31 (4 अप्रैल)
  • शुभ(शुभ)03:31 (4 अप्रैल) – 04:58 (4 अप्रैल)
  • अमृत(शुभ)04:58 (4 अप्रैल) – 06:26 (4 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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