पंचांग 2 सितंबर 2036

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

2 सितंबर 2036 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:20
सूर्यास्त18:47
चंद्रोदय16:37
चंद्रास्त04:09 (3 सित॰)
मास:
भाद्रपद (अमांत)
संवत:
शक 1958 · विक्रम (चैत्रादि) 2093
संवत्सर:
नल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
मकर

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 16:53 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी 19:30 (3 सित॰) तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 16:27 तक, फिर श्रवण 19:36 (3 सित॰) तक
योग
सौभाग्य 11:04 तक, फिर शोभन 12:10 (3 सित॰) तक
करण
बालव 16:53 तक, फिर कौलव 06:12 (3 सित॰) तक, फिर तैतिल 19:30 (3 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:58
  • राहु काल15:40 – 17:14
  • यमगंड09:27 – 11:00
  • गुलिक काल12:34 – 14:07

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:20 – 07:53
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:53 – 09:27
  • चर(सामान्य)09:27 – 11:00
  • लाभ(शुभ)11:00 – 12:34
  • अमृत(शुभ)12:34 – 14:07
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:07 – 15:40
  • शुभ(शुभ)15:40 – 17:14
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:14 – 18:47

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:47 – 20:14
  • लाभ(शुभ)20:14 – 21:40
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:40 – 23:07
  • शुभ(शुभ)23:07 – 00:34 (3 सित॰)
  • अमृत(शुभ)00:34 (3 सित॰) – 02:00 (3 सित॰)
  • चर(सामान्य)02:00 (3 सित॰) – 03:27 (3 सित॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:27 (3 सित॰) – 04:53 (3 सित॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))04:53 (3 सित॰) – 06:20 (3 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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