पंचांग 12 दिसंबर 2036
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
12 दिसंबर 2036 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:57
सूर्यास्त17:59
चंद्रोदय02:46 (13 दिस॰)
चंद्रास्त14:12
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1958 · विक्रम (चैत्रादि) 2093
- संवत्सर:
- नल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- कन्या 04:18 (13 दिस॰) तक, फिर तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी 22:51 तक, फिर कृष्ण एकादशी 21:45 (13 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- हस्त 16:36 तक, फिर चित्रा 16:04 (13 दिस॰) तक
- योग
- सौभाग्य 22:05 तक, फिर शोभन 19:58 (13 दिस॰) तक
- करण
- वणिज 11:31 तक, फिर विष्टि 22:51 तक, फिर बव 10:16 (13 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:50
- राहु काल11:05 – 12:28
- यमगंड15:13 – 16:36
- गुलिक काल08:20 – 09:42
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:57 – 08:20
- लाभ(शुभ)08:20 – 09:42
- अमृत(शुभ)09:42 – 11:05
- काल(वर्जित (परंपरा))11:05 – 12:28
- शुभ(शुभ)12:28 – 13:51
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:51 – 15:13
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:13 – 16:36
- चर(सामान्य)16:36 – 17:59
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:59 – 19:36
- काल(वर्जित (परंपरा))19:36 – 21:14
- लाभ(शुभ)21:14 – 22:51
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:51 – 00:28 (13 दिस॰)
- शुभ(शुभ)00:28 (13 दिस॰) – 02:05 (13 दिस॰)
- अमृत(शुभ)02:05 (13 दिस॰) – 03:43 (13 दिस॰)
- चर(सामान्य)03:43 (13 दिस॰) – 05:20 (13 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:20 (13 दिस॰) – 06:57 (13 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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