पंचांग 2 जनवरी 2037

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

2 जनवरी 2037 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:07
सूर्यास्त18:10
चंद्रोदय18:35
चंद्रास्तनहीं
मास:
पौष (अमांत)
संवत:
शक 1958 · विक्रम (चैत्रादि) 2093
संवत्सर:
नल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
मिथुन 04:10 (3 जन॰) तक, फिर कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल पूर्णिमा 08:05 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा 05:03 (3 जन॰) तक, फिर कृष्ण द्वितीया 01:54 (4 जन॰) तक
नक्षत्र
आर्द्रा 11:54 तक, फिर पुनर्वसु 09:34 (3 जन॰) तक
योग
इन्द्र 01:22 (3 जन॰) तक, फिर वैधृति 21:34 (3 जन॰) तक
करण
बव 08:05 तक, फिर बालव 18:36 तक, फिर कौलव 05:03 (3 जन॰) तक, फिर तैतिल 15:29 (3 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:16 – 13:00
  • राहु काल11:15 – 12:38
  • यमगंड15:24 – 16:47
  • गुलिक काल08:30 – 09:52

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)07:07 – 08:30
  • लाभ(शुभ)08:30 – 09:52
  • अमृत(शुभ)09:52 – 11:15
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:15 – 12:38
  • शुभ(शुभ)12:38 – 14:01
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:01 – 15:24
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:24 – 16:47
  • चर(सामान्य)16:47 – 18:10

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:10 – 19:47
  • काल(वर्जित (परंपरा))19:47 – 21:24
  • लाभ(शुभ)21:24 – 23:01
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:01 – 00:38 (3 जन॰)
  • शुभ(शुभ)00:38 (3 जन॰) – 02:15 (3 जन॰)
  • अमृत(शुभ)02:15 (3 जन॰) – 03:53 (3 जन॰)
  • चर(सामान्य)03:53 (3 जन॰) – 05:30 (3 जन॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))05:30 (3 जन॰) – 07:07 (3 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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