पंचांग 20 अप्रैल 2037

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

20 अप्रैल 2037 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:14
सूर्यास्त18:52
चंद्रोदय09:44
चंद्रास्त23:09
मास:
वैशाख (अमांत)
संवत:
शक 1959 · विक्रम (चैत्रादि) 2094
संवत्सर:
पिंगल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
वृषभ 11:30 तक, फिर मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 23:30 तक, फिर शुक्ल षष्ठी 22:42 (21 अप्रैल) तक
नक्षत्र
मृगशीर्ष 23:36 तक, फिर आर्द्रा 23:28 (21 अप्रैल) तक
योग
शोभन 12:25 तक, फिर अतिगण्ड 10:51 (21 अप्रैल) तक
करण
बव 11:46 तक, फिर बालव 23:30 तक, फिर कौलव 11:09 (21 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:58
  • राहु काल07:49 – 09:23
  • यमगंड10:58 – 12:33
  • गुलिक काल14:08 – 15:43

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:14 – 07:49
  • काल(वर्जित (परंपरा))07:49 – 09:23
  • शुभ(शुभ)09:23 – 10:58
  • रोग(वर्जित (परंपरा))10:58 – 12:33
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:33 – 14:08
  • चर(सामान्य)14:08 – 15:43
  • लाभ(शुभ)15:43 – 17:18
  • अमृत(शुभ)17:18 – 18:52

रात

  • चर(सामान्य)18:52 – 20:18
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:18 – 21:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:08
  • लाभ(शुभ)23:08 – 00:33 (21 अप्रैल)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:33 (21 अप्रैल) – 01:58 (21 अप्रैल)
  • शुभ(शुभ)01:58 (21 अप्रैल) – 03:23 (21 अप्रैल)
  • अमृत(शुभ)03:23 (21 अप्रैल) – 04:48 (21 अप्रैल)
  • चर(सामान्य)04:48 (21 अप्रैल) – 06:13 (21 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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