पंचांग 3 सितंबर 2037

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

3 सितंबर 2037 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:20
सूर्यास्त18:47
चंद्रोदय00:40 (4 सित॰)
चंद्रास्त13:09
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1959 · विक्रम (चैत्रादि) 2094
संवत्सर:
पिंगल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
वृषभ 04:52 (4 सित॰) तक, फिर मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 15:43 तक, फिर कृष्ण नवमी 15:29 (4 सित॰) तक
नक्षत्र
रोहिणी 16:33 तक, फिर मृगशीर्ष 16:59 (4 सित॰) तक
योग
हर्षण 10:20 तक, फिर वज्र 09:16 (4 सित॰) तक
करण
कौलव 15:43 तक, फिर तैतिल 03:42 (4 सित॰) तक, फिर गर 15:29 (4 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:58
  • राहु काल14:07 – 15:40
  • यमगंड06:20 – 07:53
  • गुलिक काल09:27 – 11:00

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:20 – 07:53
  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:53 – 09:27
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:27 – 11:00
  • चर(सामान्य)11:00 – 12:33
  • लाभ(शुभ)12:33 – 14:07
  • अमृत(शुभ)14:07 – 15:40
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:40 – 17:13
  • शुभ(शुभ)17:13 – 18:47

रात

  • अमृत(शुभ)18:47 – 20:13
  • चर(सामान्य)20:13 – 21:40
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:40 – 23:07
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:07 – 00:33 (4 सित॰)
  • लाभ(शुभ)00:33 (4 सित॰) – 02:00 (4 सित॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:00 (4 सित॰) – 03:27 (4 सित॰)
  • शुभ(शुभ)03:27 (4 सित॰) – 04:53 (4 सित॰)
  • अमृत(शुभ)04:53 (4 सित॰) – 06:20 (4 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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