पंचांग 28 सितंबर 2037
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
28 सितंबर 2037 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:24
सूर्यास्त18:25
चंद्रोदय21:07
चंद्रास्त09:20
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1959 · विक्रम (चैत्रादि) 2094
- संवत्सर:
- पिंगल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- मेष 02:12 (29 सित॰) तक, फिर वृषभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी 01:31 (29 सित॰) तक, फिर कृष्ण पंचमी 02:54 (30 सित॰) तक
- नक्षत्र
- भरणी 19:39 तक, फिर कृत्तिका 21:42 (29 सित॰) तक
- योग
- हर्षण 17:04 तक, फिर वज्र 17:14 (29 सित॰) तक
- करण
- बव 12:40 तक, फिर बालव 01:31 (29 सित॰) तक, फिर कौलव 14:16 (29 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:00 – 12:49
- राहु काल07:54 – 09:24
- यमगंड10:54 – 12:25
- गुलिक काल13:55 – 15:25
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:24 – 07:54
- काल(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:24
- शुभ(शुभ)09:24 – 10:54
- रोग(वर्जित (परंपरा))10:54 – 12:25
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:25 – 13:55
- चर(सामान्य)13:55 – 15:25
- लाभ(शुभ)15:25 – 16:55
- अमृत(शुभ)16:55 – 18:25
रात
- चर(सामान्य)18:25 – 19:55
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:55 – 21:25
- काल(वर्जित (परंपरा))21:25 – 22:55
- लाभ(शुभ)22:55 – 00:25 (29 सित॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:25 (29 सित॰) – 01:55 (29 सित॰)
- शुभ(शुभ)01:55 (29 सित॰) – 03:24 (29 सित॰)
- अमृत(शुभ)03:24 (29 सित॰) – 04:54 (29 सित॰)
- चर(सामान्य)04:54 (29 सित॰) – 06:24 (29 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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