पंचांग 19 दिसंबर 2037

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

19 दिसंबर 2037 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:01
सूर्यास्त18:02
चंद्रोदय15:41
चंद्रास्त04:45 (20 दिस॰)
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत)
संवत:
शक 1959 · विक्रम (चैत्रादि) 2094
संवत्सर:
पिंगल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
मेष 22:37 तक, फिर वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 17:54 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी 18:52 (20 दिस॰) तक
नक्षत्र
भरणी 16:12 तक, फिर कृत्तिका 17:43 (20 दिस॰) तक
योग
शिव 09:57 तक, फिर सिद्ध 09:42 (20 दिस॰) तक
करण
बालव 17:54 तक, फिर कौलव 06:27 (20 दिस॰) तक, फिर तैतिल 18:52 (20 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:53
  • राहु काल09:46 – 11:08
  • यमगंड13:54 – 15:16
  • गुलिक काल07:01 – 08:23

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:01 – 08:23
  • शुभ(शुभ)08:23 – 09:46
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:46 – 11:08
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:08 – 12:31
  • चर(सामान्य)12:31 – 13:54
  • लाभ(शुभ)13:54 – 15:16
  • अमृत(शुभ)15:16 – 16:39
  • काल(वर्जित (परंपरा))16:39 – 18:02

रात

  • लाभ(शुभ)18:02 – 19:39
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:39 – 21:17
  • शुभ(शुभ)21:17 – 22:54
  • अमृत(शुभ)22:54 – 00:31 (20 दिस॰)
  • चर(सामान्य)00:31 (20 दिस॰) – 02:09 (20 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:09 (20 दिस॰) – 03:46 (20 दिस॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:46 (20 दिस॰) – 05:24 (20 दिस॰)
  • लाभ(शुभ)05:24 (20 दिस॰) – 07:01 (20 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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