पंचांग 3 मई 2038
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
3 मई 2038 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:06
सूर्यास्त18:56
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त18:12
- मास:
- चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1960 · विक्रम (चैत्रादि) 2095
- संवत्सर:
- कालयुक्त (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मेष
- चंद्र राशि:
- मेष
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी 12:29 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 14:49 (4 मई) तक
- नक्षत्र
- अश्विनी 02:08 (4 मई) तक, फिर भरणी 04:56 (5 मई) तक
- योग
- प्रीति 15:20 तक, फिर आयुष्मान 16:10 (4 मई) तक
- करण
- शकुनि 12:29 तक, फिर चतुष्पद 01:40 (4 मई) तक, फिर नाग 14:49 (4 मई) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:57
- राहु काल07:42 – 09:18
- यमगंड10:55 – 12:31
- गुलिक काल14:07 – 15:44
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:06 – 07:42
- काल(वर्जित (परंपरा))07:42 – 09:18
- शुभ(शुभ)09:18 – 10:55
- रोग(वर्जित (परंपरा))10:55 – 12:31
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:07
- चर(सामान्य)14:07 – 15:44
- लाभ(शुभ)15:44 – 17:20
- अमृत(शुभ)17:20 – 18:56
रात
- चर(सामान्य)18:56 – 20:20
- रोग(वर्जित (परंपरा))20:20 – 21:44
- काल(वर्जित (परंपरा))21:44 – 23:07
- लाभ(शुभ)23:07 – 00:31 (4 मई)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:31 (4 मई) – 01:54 (4 मई)
- शुभ(शुभ)01:54 (4 मई) – 03:18 (4 मई)
- अमृत(शुभ)03:18 (4 मई) – 04:42 (4 मई)
- चर(सामान्य)04:42 (4 मई) – 06:05 (4 मई)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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