पंचांग 23 दिसंबर 2038
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
23 दिसंबर 2038 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:02
सूर्यास्त18:04
चंद्रोदय04:59 (24 दिस॰)
चंद्रास्त15:38
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1960 · विक्रम (चैत्रादि) 2095
- संवत्सर:
- कालयुक्त (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- तुला 13:55 तक, फिर वृश्चिक
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी 15:59 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 12:47 (24 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- विशाखा 19:19 तक, फिर अनुराधा 16:50 (24 दिस॰) तक
- योग
- सुकर्मा 08:04 तक, फिर धृति 04:15 (24 दिस॰) तक, फिर शूल 00:23 (25 दिस॰) तक
- करण
- तैतिल 15:59 तक, फिर गर 02:24 (24 दिस॰) तक, फिर वणिज 12:47 (24 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:11 – 12:55
- राहु काल13:56 – 15:18
- यमगंड07:02 – 08:25
- गुलिक काल09:48 – 11:10
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)07:02 – 08:25
- रोग(वर्जित (परंपरा))08:25 – 09:48
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:48 – 11:10
- चर(सामान्य)11:10 – 12:33
- लाभ(शुभ)12:33 – 13:56
- अमृत(शुभ)13:56 – 15:18
- काल(वर्जित (परंपरा))15:18 – 16:41
- शुभ(शुभ)16:41 – 18:04
रात
- अमृत(शुभ)18:04 – 19:41
- चर(सामान्य)19:41 – 21:18
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:18 – 22:56
- काल(वर्जित (परंपरा))22:56 – 00:33 (24 दिस॰)
- लाभ(शुभ)00:33 (24 दिस॰) – 02:11 (24 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:11 (24 दिस॰) – 03:48 (24 दिस॰)
- शुभ(शुभ)03:48 (24 दिस॰) – 05:25 (24 दिस॰)
- अमृत(शुभ)05:25 (24 दिस॰) – 07:03 (24 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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