पंचांग 18 जून 2039

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

18 जून 2039 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:58
सूर्यास्त19:12
चंद्रोदय04:05 (19 जून)
चंद्रास्त16:29
मास:
ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1961 · विक्रम (चैत्रादि) 2096
संवत्सर:
सिद्धार्थी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मिथुन
चंद्र राशि:
मेष 22:03 तक, फिर वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 15:13 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 17:48 (19 जून) तक
नक्षत्र
भरणी 15:16 तक, फिर कृत्तिका 18:25 (19 जून) तक
योग
सुकर्मा 22:50 तक, फिर धृति 23:57 (19 जून) तक
करण
तैतिल 15:13 तक, फिर गर 04:30 (19 जून) तक, फिर वणिज 17:48 (19 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:09 – 13:02
  • राहु काल09:17 – 10:56
  • यमगंड14:14 – 15:54
  • गुलिक काल05:58 – 07:37

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))05:58 – 07:37
  • शुभ(शुभ)07:37 – 09:17
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:17 – 10:56
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:56 – 12:35
  • चर(सामान्य)12:35 – 14:14
  • लाभ(शुभ)14:14 – 15:54
  • अमृत(शुभ)15:54 – 17:33
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:33 – 19:12

रात

  • लाभ(शुभ)19:12 – 20:33
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:33 – 21:54
  • शुभ(शुभ)21:54 – 23:15
  • अमृत(शुभ)23:15 – 00:35 (19 जून)
  • चर(सामान्य)00:35 (19 जून) – 01:56 (19 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))01:56 (19 जून) – 03:17 (19 जून)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:17 (19 जून) – 04:37 (19 जून)
  • लाभ(शुभ)04:37 (19 जून) – 05:58 (19 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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