पंचांग 20 नवंबर 2039
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
20 नवंबर 2039 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:43
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय10:56
चंद्रास्त22:13
- मास:
- कार्तिक (अमांत)
- संवत:
- शक 1961 · विक्रम (चैत्रादि) 2096
- संवत्सर:
- सिद्धार्थी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- धनु 13:07 तक, फिर मकर
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी 19:14 तक, फिर शुक्ल षष्ठी 17:01 (21 नव॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 07:36 तक, फिर उत्तराषाढ़ा 05:50 (21 नव॰) तक, फिर श्रवण 04:35 (22 नव॰) तक
- योग
- शूल 07:49 तक, फिर गण्ड 04:35 (21 नव॰) तक, फिर वृद्धि 01:47 (22 नव॰) तक
- करण
- बव 08:31 तक, फिर बालव 19:14 तक, फिर कौलव 06:03 (21 नव॰) तक, फिर तैतिल 17:01 (21 नव॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:57 – 12:42
- राहु काल16:32 – 17:56
- यमगंड12:19 – 13:44
- गुलिक काल15:08 – 16:32
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:43 – 08:07
- चर(सामान्य)08:07 – 09:31
- लाभ(शुभ)09:31 – 10:55
- अमृत(शुभ)10:55 – 12:19
- काल(वर्जित (परंपरा))12:19 – 13:44
- शुभ(शुभ)13:44 – 15:08
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:08 – 16:32
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:32 – 17:56
रात
- शुभ(शुभ)17:56 – 19:32
- अमृत(शुभ)19:32 – 21:08
- चर(सामान्य)21:08 – 22:44
- रोग(वर्जित (परंपरा))22:44 – 00:20 (21 नव॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:20 (21 नव॰) – 01:56 (21 नव॰)
- लाभ(शुभ)01:56 (21 नव॰) – 03:32 (21 नव॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:32 (21 नव॰) – 05:08 (21 नव॰)
- शुभ(शुभ)05:08 (21 नव॰) – 06:44 (21 नव॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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