पंचांग 10 दिसंबर 2039
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
10 दिसंबर 2039 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:55
सूर्यास्त17:58
चंद्रोदय02:13 (11 दिस॰)
चंद्रास्त13:51
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1961 · विक्रम (चैत्रादि) 2096
- संवत्सर:
- सिद्धार्थी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी 13:57 तक, फिर कृष्ण दशमी 12:47 (11 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- उत्तराफाल्गुनी 10:54 तक, फिर हस्त 10:27 (11 दिस॰) तक
- योग
- आयुष्मान 21:32 तक, फिर सौभाग्य 19:11 (11 दिस॰) तक
- करण
- गर 13:57 तक, फिर वणिज 01:28 (11 दिस॰) तक, फिर विष्टि 12:47 (11 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:49
- राहु काल09:41 – 11:04
- यमगंड13:49 – 15:12
- गुलिक काल06:55 – 08:18
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))06:55 – 08:18
- शुभ(शुभ)08:18 – 09:41
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:41 – 11:04
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:04 – 12:27
- चर(सामान्य)12:27 – 13:49
- लाभ(शुभ)13:49 – 15:12
- अमृत(शुभ)15:12 – 16:35
- काल(वर्जित (परंपरा))16:35 – 17:58
रात
- लाभ(शुभ)17:58 – 19:35
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:35 – 21:12
- शुभ(शुभ)21:12 – 22:50
- अमृत(शुभ)22:50 – 00:27 (11 दिस॰)
- चर(सामान्य)00:27 (11 दिस॰) – 02:04 (11 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))02:04 (11 दिस॰) – 03:41 (11 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:41 (11 दिस॰) – 05:19 (11 दिस॰)
- लाभ(शुभ)05:19 (11 दिस॰) – 06:56 (11 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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