पंचांग 9 अप्रैल 2040
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
9 अप्रैल 2040 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:22
सूर्यास्त18:50
चंद्रोदय05:36 (10 अप्रैल)
चंद्रास्त16:56
- मास:
- फाल्गुन (अमांत) · चैत्र (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1961 · विक्रम (चैत्रादि) 2096
- संवत्सर:
- सिद्धार्थी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मीन
- चंद्र राशि:
- कुंभ 17:46 तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी 21:15 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 20:08 (10 अप्रैल) तक
- नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपदा 23:37 तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 23:16 (10 अप्रैल) तक
- योग
- शुक्ल 08:15 तक, फिर ब्रह्म 06:04 (10 अप्रैल) तक, फिर इन्द्र 04:12 (11 अप्रैल) तक
- करण
- गर 09:57 तक, फिर वणिज 21:15 तक, फिर विष्टि 08:38 (10 अप्रैल) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:11 – 13:01
- राहु काल07:55 – 09:29
- यमगंड11:02 – 12:36
- गुलिक काल14:09 – 15:43
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:22 – 07:55
- काल(वर्जित (परंपरा))07:55 – 09:29
- शुभ(शुभ)09:29 – 11:02
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:02 – 12:36
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:36 – 14:09
- चर(सामान्य)14:09 – 15:43
- लाभ(शुभ)15:43 – 17:16
- अमृत(शुभ)17:16 – 18:50
रात
- चर(सामान्य)18:50 – 20:16
- रोग(वर्जित (परंपरा))20:16 – 21:42
- काल(वर्जित (परंपरा))21:42 – 23:09
- लाभ(शुभ)23:09 – 00:35 (10 अप्रैल)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:35 (10 अप्रैल) – 02:02 (10 अप्रैल)
- शुभ(शुभ)02:02 (10 अप्रैल) – 03:28 (10 अप्रैल)
- अमृत(शुभ)03:28 (10 अप्रैल) – 04:54 (10 अप्रैल)
- चर(सामान्य)04:54 (10 अप्रैल) – 06:21 (10 अप्रैल)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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