पंचांग 23 अक्टूबर 2040

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

23 अक्टूबर 2040 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:30
सूर्यास्त18:06
चंद्रोदय20:32
चंद्रास्त09:13
मास:
आश्विन (अमांत) · कार्तिक (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1962 · विक्रम (चैत्रादि) 2097
संवत्सर:
रौद्र (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
तुला
चंद्र राशि:
वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 09:28 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी 10:30 (24 अक्टू॰) तक
नक्षत्र
रोहिणी 07:19 (24 अक्टू॰) तक
योग
व्यतीपात 07:21 तक, फिर वरीयान 07:00 (24 अक्टू॰) तक
करण
विष्टि 09:28 तक, फिर बव 21:54 तक, फिर बालव 10:30 (24 अक्टू॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:41
  • राहु काल15:12 – 16:39
  • यमगंड09:24 – 10:51
  • गुलिक काल12:18 – 13:45

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:30 – 07:57
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:57 – 09:24
  • चर(सामान्य)09:24 – 10:51
  • लाभ(शुभ)10:51 – 12:18
  • अमृत(शुभ)12:18 – 13:45
  • काल(वर्जित (परंपरा))13:45 – 15:12
  • शुभ(शुभ)15:12 – 16:39
  • रोग(वर्जित (परंपरा))16:39 – 18:06

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:06 – 19:39
  • लाभ(शुभ)19:39 – 21:12
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:12 – 22:45
  • शुभ(शुभ)22:45 – 00:18 (24 अक्टू॰)
  • अमृत(शुभ)00:18 (24 अक्टू॰) – 01:51 (24 अक्टू॰)
  • चर(सामान्य)01:51 (24 अक्टू॰) – 03:25 (24 अक्टू॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:25 (24 अक्टू॰) – 04:58 (24 अक्टू॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))04:58 (24 अक्टू॰) – 06:31 (24 अक्टू॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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