पंचांग 1 मई 2041
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
1 मई 2041 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:07
सूर्यास्त18:56
चंद्रोदय06:36
चंद्रास्त19:55
- मास:
- वैशाख (अमांत)
- संवत:
- शक 1963 · विक्रम (चैत्रादि) 2098
- संवत्सर:
- दुर्मति (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मेष
- चंद्र राशि:
- मेष 17:40 तक, फिर वृषभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा 15:53 तक, फिर शुक्ल द्वितीया 15:03 (2 मई) तक
- नक्षत्र
- भरणी 11:46 तक, फिर कृत्तिका 11:34 (2 मई) तक
- योग
- सौभाग्य 04:06 (2 मई) तक, फिर शोभन 02:38 (3 मई) तक
- करण
- बव 15:53 तक, फिर बालव 03:23 (2 मई) तक, फिर कौलव 15:03 (2 मई) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:57परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:31 – 14:07
- यमगंड07:43 – 09:19
- गुलिक काल10:55 – 12:31
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:07 – 07:43
- अमृत(शुभ)07:43 – 09:19
- काल(वर्जित (परंपरा))09:19 – 10:55
- शुभ(शुभ)10:55 – 12:31
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:07
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:07 – 15:44
- चर(सामान्य)15:44 – 17:20
- लाभ(शुभ)17:20 – 18:56
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:56 – 20:20
- शुभ(शुभ)20:20 – 21:43
- अमृत(शुभ)21:43 – 23:07
- चर(सामान्य)23:07 – 00:31 (2 मई)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:31 (2 मई) – 01:55 (2 मई)
- काल(वर्जित (परंपरा))01:55 (2 मई) – 03:19 (2 मई)
- लाभ(शुभ)03:19 (2 मई) – 04:42 (2 मई)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:42 (2 मई) – 06:06 (2 मई)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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