पंचांग 7 सितंबर 2041

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 सितंबर 2041 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:21
सूर्यास्त18:43
चंद्रोदय16:31
चंद्रास्त03:50 (8 सित॰)
मास:
भाद्रपद (अमांत)
संवत:
शक 1963 · विक्रम (चैत्रादि) 2098
संवत्सर:
दुर्मति (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
मकर

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 02:09 (8 सित॰) तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी 22:36 (8 सित॰) तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 17:49 तक, फिर श्रवण 15:14 (8 सित॰) तक
योग
सौभाग्य 06:21 तक, फिर शोभन 02:41 (8 सित॰) तक, फिर अतिगण्ड 22:39 (8 सित॰) तक
करण
बव 15:47 तक, फिर बालव 02:09 (8 सित॰) तक, फिर कौलव 12:25 (8 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:57
  • राहु काल09:26 – 10:59
  • यमगंड14:05 – 15:38
  • गुलिक काल06:21 – 07:53

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))06:21 – 07:53
  • शुभ(शुभ)07:53 – 09:26
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:26 – 10:59
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:59 – 12:32
  • चर(सामान्य)12:32 – 14:05
  • लाभ(शुभ)14:05 – 15:38
  • अमृत(शुभ)15:38 – 17:10
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:10 – 18:43

रात

  • लाभ(शुभ)18:43 – 20:10
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:10 – 21:38
  • शुभ(शुभ)21:38 – 23:05
  • अमृत(शुभ)23:05 – 00:32 (8 सित॰)
  • चर(सामान्य)00:32 (8 सित॰) – 01:59 (8 सित॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))01:59 (8 सित॰) – 03:26 (8 सित॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:26 (8 सित॰) – 04:54 (8 सित॰)
  • लाभ(शुभ)04:54 (8 सित॰) – 06:21 (8 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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