पंचांग 27 अगस्त 2054

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

27 अगस्त 2054 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:19
सूर्यास्त18:52
चंद्रोदय01:14 (28 अग॰)
चंद्रास्त13:38
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1976 · विक्रम (चैत्रादि) 2111
संवत्सर:
भाव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
वृषभ 04:08 (28 अग॰) तक, फिर मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 00:54 (28 अग॰) तक, फिर कृष्ण दशमी 23:01 (28 अग॰) तक
नक्षत्र
रोहिणी 16:29 तक, फिर मृगशीर्ष 15:36 (28 अग॰) तक
योग
हर्षण 22:16 तक, फिर वज्र 19:45 (28 अग॰) तक
करण
तैतिल 13:35 तक, फिर गर 00:54 (28 अग॰) तक, फिर वणिज 12:03 (28 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:10 – 13:01
  • राहु काल14:10 – 15:44
  • यमगंड06:19 – 07:53
  • गुलिक काल09:27 – 11:01

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:19 – 07:53
  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:53 – 09:27
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:27 – 11:01
  • चर(सामान्य)11:01 – 12:35
  • लाभ(शुभ)12:35 – 14:10
  • अमृत(शुभ)14:10 – 15:44
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:44 – 17:18
  • शुभ(शुभ)17:18 – 18:52

रात

  • अमृत(शुभ)18:52 – 20:18
  • चर(सामान्य)20:18 – 21:44
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:44 – 23:10
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:10 – 00:36 (28 अग॰)
  • लाभ(शुभ)00:36 (28 अग॰) – 02:01 (28 अग॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:01 (28 अग॰) – 03:27 (28 अग॰)
  • शुभ(शुभ)03:27 (28 अग॰) – 04:53 (28 अग॰)
  • अमृत(शुभ)04:53 (28 अग॰) – 06:19 (28 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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