पंचांग 1 अप्रैल 2056
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
1 अप्रैल 2056 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:28
सूर्यास्त18:48
चंद्रोदय19:57
चंद्रास्त07:14
- मास:
- चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1978 · विक्रम (चैत्रादि) 2113
- संवत्सर:
- धाता (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मीन
- चंद्र राशि:
- कन्या 12:38 तक, फिर तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा 12:04 तक, फिर कृष्ण द्वितीया 08:15 (2 अप्रैल) तक
- नक्षत्र
- चित्रा 23:07 तक, फिर स्वाती 20:12 (2 अप्रैल) तक
- योग
- व्याघात 21:01 तक, फिर हर्षण 16:47 (2 अप्रैल) तक
- करण
- कौलव 12:04 तक, फिर तैतिल 22:08 तक, फिर गर 08:15 (2 अप्रैल) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:13 – 13:03
- राहु काल09:33 – 11:05
- यमगंड14:10 – 15:43
- गुलिक काल06:28 – 08:00
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))06:28 – 08:00
- शुभ(शुभ)08:00 – 09:33
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:33 – 11:05
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:05 – 12:38
- चर(सामान्य)12:38 – 14:10
- लाभ(शुभ)14:10 – 15:43
- अमृत(शुभ)15:43 – 17:15
- काल(वर्जित (परंपरा))17:15 – 18:48
रात
- लाभ(शुभ)18:48 – 20:15
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:15 – 21:43
- शुभ(शुभ)21:43 – 23:10
- अमृत(शुभ)23:10 – 00:37 (2 अप्रैल)
- चर(सामान्य)00:37 (2 अप्रैल) – 02:05 (2 अप्रैल)
- रोग(वर्जित (परंपरा))02:05 (2 अप्रैल) – 03:32 (2 अप्रैल)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:32 (2 अप्रैल) – 05:00 (2 अप्रैल)
- लाभ(शुभ)05:00 (2 अप्रैल) – 06:27 (2 अप्रैल)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
अपनी कुंडली देखें