पंचांग 1 अक्टूबर 2059

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

1 अक्टूबर 2059 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:25
सूर्यास्त18:23
चंद्रोदय02:46 (2 अक्टू॰)
चंद्रास्त15:25
मास:
भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1981 · विक्रम (चैत्रादि) 2116
संवत्सर:
प्रमाथी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कन्या
चंद्र राशि:
कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 09:25 तक, फिर कृष्ण एकादशी 11:29 (2 अक्टू॰) तक
नक्षत्र
पुष्य 16:05 तक, फिर आश्लेषा 18:45 (2 अक्टू॰) तक
योग
शिव 09:30 तक, फिर सिद्ध 10:05 (2 अक्टू॰) तक
करण
विष्टि 09:25 तक, फिर बव 22:24 तक, फिर बालव 11:29 (2 अक्टू॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:00 – 12:48परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:24 – 13:53
  • यमगंड07:54 – 09:24
  • गुलिक काल10:54 – 12:24

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)06:25 – 07:54
  • अमृत(शुभ)07:54 – 09:24
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:24 – 10:54
  • शुभ(शुभ)10:54 – 12:24
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:24 – 13:53
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))13:53 – 15:23
  • चर(सामान्य)15:23 – 16:53
  • लाभ(शुभ)16:53 – 18:23

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:23 – 19:53
  • शुभ(शुभ)19:53 – 21:23
  • अमृत(शुभ)21:23 – 22:53
  • चर(सामान्य)22:53 – 00:24 (2 अक्टू॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:24 (2 अक्टू॰) – 01:54 (2 अक्टू॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))01:54 (2 अक्टू॰) – 03:24 (2 अक्टू॰)
  • लाभ(शुभ)03:24 (2 अक्टू॰) – 04:54 (2 अक्टू॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:54 (2 अक्टू॰) – 06:25 (2 अक्टू॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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