पंचांग 5 अगस्त 2061
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
5 अगस्त 2061 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:13
सूर्यास्त19:07
चंद्रोदय21:55
चंद्रास्त09:31
- मास:
- अधिक श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1983 · विक्रम (चैत्रादि) 2118
- संवत्सर:
- वृष (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी 14:51 तक, फिर कृष्ण पंचमी 13:46 (6 अग॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपदा 08:40 तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 08:25 (6 अग॰) तक
- योग
- सुकर्मा 03:45 (6 अग॰) तक, फिर धृति 01:42 (7 अग॰) तक
- करण
- बालव 14:51 तक, फिर कौलव 02:21 (6 अग॰) तक, फिर तैतिल 13:46 (6 अग॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:06
- राहु काल11:03 – 12:40
- यमगंड15:53 – 17:30
- गुलिक काल07:50 – 09:27
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:13 – 07:50
- लाभ(शुभ)07:50 – 09:27
- अमृत(शुभ)09:27 – 11:03
- काल(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:40
- शुभ(शुभ)12:40 – 14:17
- रोग(वर्जित (परंपरा))14:17 – 15:53
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:53 – 17:30
- चर(सामान्य)17:30 – 19:07
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:07 – 20:30
- काल(वर्जित (परंपरा))20:30 – 21:53
- लाभ(शुभ)21:53 – 23:17
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:17 – 00:40 (6 अग॰)
- शुभ(शुभ)00:40 (6 अग॰) – 02:03 (6 अग॰)
- अमृत(शुभ)02:03 (6 अग॰) – 03:27 (6 अग॰)
- चर(सामान्य)03:27 (6 अग॰) – 04:50 (6 अग॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))04:50 (6 अग॰) – 06:13 (6 अग॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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