पंचांग 13 सितंबर 2061
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
13 सितंबर 2061 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:22
सूर्यास्त18:38
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त18:27
- मास:
- श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1983 · विक्रम (चैत्रादि) 2118
- संवत्सर:
- वृष (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- सिंह
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या 02:07 (14 सित॰) तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 02:00 (15 सित॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाफाल्गुनी 01:45 (14 सित॰) तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 02:18 (15 सित॰) तक
- योग
- साध्य 01:26 (14 सित॰) तक, फिर शुभ 00:15 (15 सित॰) तक
- करण
- चतुष्पद 14:23 तक, फिर नाग 02:07 (14 सित॰) तक, फिर किंस्तुघ्न 13:59 (14 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:54
- राहु काल15:34 – 17:06
- यमगंड09:26 – 10:58
- गुलिक काल12:30 – 14:02
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:22 – 07:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:26
- चर(सामान्य)09:26 – 10:58
- लाभ(शुभ)10:58 – 12:30
- अमृत(शुभ)12:30 – 14:02
- काल(वर्जित (परंपरा))14:02 – 15:34
- शुभ(शुभ)15:34 – 17:06
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:06 – 18:38
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:38 – 20:06
- लाभ(शुभ)20:06 – 21:34
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:34 – 23:02
- शुभ(शुभ)23:02 – 00:30 (14 सित॰)
- अमृत(शुभ)00:30 (14 सित॰) – 01:58 (14 सित॰)
- चर(सामान्य)01:58 (14 सित॰) – 03:26 (14 सित॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:26 (14 सित॰) – 04:54 (14 सित॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:54 (14 सित॰) – 06:22 (14 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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