पंचांग 7 नवंबर 2061

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 नवंबर 2061 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:37
सूर्यास्त17:59
चंद्रोदय03:16 (8 नव॰)
चंद्रास्त15:03
मास:
आश्विन (अमांत) · कार्तिक (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1983 · विक्रम (चैत्रादि) 2118
संवत्सर:
वृष (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
तुला
चंद्र राशि:
सिंह 21:02 तक, फिर कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 03:14 (8 नव॰) तक, फिर कृष्ण द्वादशी 04:08 (9 नव॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाफाल्गुनी 14:46 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 16:00 (8 नव॰) तक
योग
इन्द्र 13:26 तक, फिर वैधृति 12:47 (8 नव॰) तक
करण
बव 14:58 तक, फिर बालव 03:14 (8 नव॰) तक, फिर कौलव 15:37 (8 नव॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:40
  • राहु काल08:02 – 09:27
  • यमगंड10:52 – 12:18
  • गुलिक काल13:43 – 15:08

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:37 – 08:02
  • काल(वर्जित (परंपरा))08:02 – 09:27
  • शुभ(शुभ)09:27 – 10:52
  • रोग(वर्जित (परंपरा))10:52 – 12:18
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:18 – 13:43
  • चर(सामान्य)13:43 – 15:08
  • लाभ(शुभ)15:08 – 16:33
  • अमृत(शुभ)16:33 – 17:59

रात

  • चर(सामान्य)17:59 – 19:33
  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:33 – 21:08
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:08 – 22:43
  • लाभ(शुभ)22:43 – 00:18 (8 नव॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:18 (8 नव॰) – 01:53 (8 नव॰)
  • शुभ(शुभ)01:53 (8 नव॰) – 03:27 (8 नव॰)
  • अमृत(शुभ)03:27 (8 नव॰) – 05:02 (8 नव॰)
  • चर(सामान्य)05:02 (8 नव॰) – 06:37 (8 नव॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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