पंचांग 10 सितंबर 2063

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

10 सितंबर 2063 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:21
सूर्यास्त18:41
चंद्रोदय20:02
चंद्रास्त08:06
मास:
भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1985 · विक्रम (चैत्रादि) 2120
संवत्सर:
सुभानु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
मीन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 07:01 तक, फिर कृष्ण तृतीया 08:55 (11 सित॰) तक
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपदा 07:00 तक, फिर रेवती 09:27 (11 सित॰) तक
योग
गण्ड 14:22 तक, फिर वृद्धि 14:46 (11 सित॰) तक
करण
गर 07:01 तक, फिर वणिज 20:01 तक, फिर विष्टि 08:55 (11 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:56
  • राहु काल07:54 – 09:26
  • यमगंड10:58 – 12:31
  • गुलिक काल14:03 – 15:36

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:21 – 07:54
  • काल(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:26
  • शुभ(शुभ)09:26 – 10:58
  • रोग(वर्जित (परंपरा))10:58 – 12:31
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:31 – 14:03
  • चर(सामान्य)14:03 – 15:36
  • लाभ(शुभ)15:36 – 17:08
  • अमृत(शुभ)17:08 – 18:41

रात

  • चर(सामान्य)18:41 – 20:08
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:08 – 21:36
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:36 – 23:04
  • लाभ(शुभ)23:04 – 00:31 (11 सित॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:31 (11 सित॰) – 01:59 (11 सित॰)
  • शुभ(शुभ)01:59 (11 सित॰) – 03:26 (11 सित॰)
  • अमृत(शुभ)03:26 (11 सित॰) – 04:54 (11 सित॰)
  • चर(सामान्य)04:54 (11 सित॰) – 06:21 (11 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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